Thursday, August 16, 2018

कैंसर (Home remedies of cancer )

कैंसर के घरेलु उपचार - 

कैंसर रोग प्राकृतिक चिकित्सा से यह ठीक होता है।यह दावा कई रोगियों की चिकित्सा में सफलता मिलने बाद किया जा रहा है। किसी भी रोगी के उपचार में रोगी के मानसिक सहयोग एवं शुद्ध विचार का रहना आवश्यक है | 

कैंसर क्या होता है - 

कैंसर(cancer) एक अत्यंत तीव्र पीड़ा देने वाला तथा नाम से भयावना रोग है। इसमें एक ट्यूमरगांठ फोड़ा के रूप में शरीर के भिन्नभिन्न भागों (स्तन,गला,जीभ,आंख,बच्चेदानी, होंठ, भोजन नली,आमाशय,यकृत,गुदाद्वार इत्यादि) में होता है। पहले गांठ फूलती है फिर फट जाती है और फूल गोभी के आकार में सफेद मवाद के साथ इसकी आकृति बन जाती है। यह तो शरीर के ऊपरी भाग का स्वरूप है। शरीर के भीतरी भाग में भी भिन्न-भिन्न रूप में कष्ट देता है |

कैंसर होने के कारण - कैंसर के प्रमुख कारण हैं-धूम्रपान,तम्बाकू का सेवन,पान-मसाला, गुटका। इनसे मुंह होंठ मसूड़े जीभ का कैंसर होता है। कभी-कभी किसी, पुराना घाव कैंसर में परिणत हो जाता है। कुछ लोग एक्जिमा के हीने के लिए अलकतरा लगाते हैं और उससे कैंसर बन जाता है। अत्यधिक शाराब पीने वालो को भी गला ,यकृत,पाकस्थली का कैंसर हो जाता है | तम्बाकू, तथा पर्यावरण के प्रदूषण से फेफड़े के कैंसर में विशेष बढ़ोतरी हो रही है | बहुत अधिक गरम खाद्य पदार्थ भी आमाशय में पहुंचकर को घायल करता है और कैंसर बन सकता है।
कैंसर (Home remedies of cancer )
Home remedies of cancer

कैंसर के घरेलु उपचार- आज जिस प्रकार का भय कैंसर के संबंध में लोगों में फैला हुआ है। वास्तव में वह इस कारण है कि आधुनिक विज्ञान में कैंसर का इलाज केवलऑपरेशन को मान लेने की परम्परा चल रही है।  इनमें असफलता ही अधिक है। यह बात डॉ. राबर्ट बैल एम. डी. एफ. आरएफ. पी. एसने अपनी पुस्तक में लिखी है कि शस्त्र चिकित्सा (शल्य चिकित्सा) से कभी कोई कैंसर आरोग्य नहीं हुआ है, और कभी होगा भी नहीं। इसके परिणामस्वरूप मृत्यु संख्या बढ़ गई है. 

प्राकृतिक चिकित्सा इसलिए केवल स्थानीय (केवल एक-दो अंग की) चिकित्सा करने का कोई लाभ नहीं। संपूर्ण शरीर की चिकित्सा न होने पर कैंसर का निवारण नहीं हो सकता है। 

प्राकृतिक चिकित्सा में सम्पूर्ण शरीर के विकार निवारण हेतु निम्नांकित प्रयोग किए जाते हैं
  1.  पेट पर 30 मिनट के लिए ठंडी मिट्टी की पट्टी रखने के बाद नीम के पानी का एनिमा प्रतिदिन दिया जाए।
  2. ठंडे पानी का कटि-स्नान 1010 मिनट का दिया जाए।
  3. धूप-स्नान रोजाना 30 मिनट का दिया जाए। सिर पर गीला कपड़ा रखकर, सफेद सूखी वस्त्र  पहनकर या नंगे बदन धूप में बैठे। शरीर पर धूप 30 मिनट कमसेकमपरन्तु यदि 1-2 घंटे भी ली जाए तो अच्छा ही होगा।
  4. शुद्ध खुली वायु का सेवनप्रतिदिन गर्म या ठंडे जल से स्नान करना आवश्यक है ।
  5. कैंसर के बाहरी फोड़े गांठ पर ठंडी मिट्टी की पट्टी दिन में 34 बार, 20-30 मिनट एक बार रखकर बदलते रहें। दो पट्टियों के बीच में 1 घंटे का अंतर रखें। यदि कैंसर की गांठ पर प्रारंभ में ही ठंडी मिट्टी की पट्टी या ठंडे पानी की पट्टी लगाई जाए तो गांठ दब जाती है।
    कैंसर (Home remedies of cancer )
    कैंसर (Home remedies of cancer )
केसर की गांठ या फोड़ा यदि अंदर के भाग (आंत,गर्भाशय,आमाशय लीवर आदि) में है तब भी इसके ऊपर ठंडे पाना या ठंडी मिट्टी की पट्टी का प्रयोग विशेष काम करता है। कैंसर की स्थानीय पीड़ा यदि केवल ठंडी पट्टी से ठीक नहीं होती हो तो गरम ठंडी सेक कभी-कभी दी जा सकती है। एक बर्तन में गरम पानी और दूसरे में ठंडा पानी लेकर तौलिया गरम पानी में निचोड़कर गर्म सेक तथा ठंडे में भिगोकर ठंडी सेक दी जाती है। ये तमाम प्रयोग किसी प्राकृतिक चिकित्सालय में जाकर समझे जा सकते हैं। अथवा रोगी को ही कुछ दिन प्राकृतिक चिकित्सालय में रहकर प्रयोग समझ लेना चाहिए।
कैंसर (Home remedies of cancer )
प्राकतिक आहार
  1. प्रतिदिन गाजर 100 ग्राम, चुकन्दर 100 ग्राम और आंवला 25
  2. ग्राम रस में दो बार दें।
  3. संतरा,मौसमी,अनन्नास,अंगूर का रस 2-3 बार दें।
  4. मौसम के अनुसार सब्जियों का रस दें यथा, पालक 50 ग्राम मेथी 25 ग्राम, बथुआ 25 ग्राम, का रस प्रतिदिन एक बार।
  5. पेठे का रस 100-100 ग्राम दो बार दें ।
  6. गेहूं के पौधे गमले में उगाकर जब वे आठ इंच लंबे हो जाएं तो उसका रस पिलाएं।
  7. पपीता, चीकू, खरबूजा तरबूज आम लीची, सेब अनार, और आदि मौसम के सभी फल दिए जाएं।
15 से 30 दिन फलाहार रसाहार के बाद यदि रोगी में जीवनी शक्ति पर्याप्त हो तो नींबू शहद पानी रोजाना 4-6 गिलास पिलाकर उपवास भी कराना। बहुत अच्छा रहता है। उपवास के बाद एक लंबे समय तक जूसफलएवं अंकुरित अन्न कच्ची गिरी (नारियल, सूखे मेवे,,मुनक्का, किशमिश, अंजीर आदि भिगोकर लिए जाएं। इस रोग में अपकाहार बिना आग का पकाया आहार,जब तक रोग ठीक नहीं होता है, लेना चाहिए। 
यहां बताए हुए आहार के अतिरिक्त कोई अन्य आहार जैसे- चावल दाल,मिठाईचाय,चीनीनमकमिर्च बाजार की कोई भी वस्तु न ली जाए। कैंसर का पता लगते ही प्राकृतिक चिकित्सा का सहारा लें और निर्भय हो जाय  यह प्रयोग अनेक रोगियों को पूर्ण स्वस्थ बना देता है।

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